●●●समय रात भर का है●●●
फिर दोष ना देना मुझको कि दोष बस तुम्हारा है.......
मांगी है मोहलते तेरे साथ साथ चलने की,
इस विरह की अग्नि में सिर्फ खुद ही जलने की।
सारे दुख हुए मेरे प्रेम बस तुम्हारा है।
समय रात भर का है इंतजार बस तुम्हारा है ........
रौनके बहुत होंगी पर चांदनी मिलेंगी ना,
चाहते बहुत होंगी पर चाहते रहेंगी ना।
काट ली राते सारी मैंने भोर बस तुम्हारा है,
समय रात भर का है इंतजार बस तुम्हारा है.......
वफाओं का है शहर चाहतों की रातें हैं,
कुछ तुम्हारे संग के कुछ अकेली बातें हैं ।
पर मेरी सारी बातों में जिक्र बस तुम्हारा है,
समय रात भर का है इंतजार बस तुम्हारा है.......
डीपी को तुम्हारी सौ बार देखती हूं मैं,
तुम्हारे एक मैसेज की राह देखती हूं मैं।
हर किसी की कॉल पर नाम दिखता तुम्हारा है,
समय रात भर का है इंतजार बस तुम्हारा है......
विचलित मन की करुणा है हृदय शून्य सारा है,
बांध के रखी सांसे तेरे आने का सहारा है।
आंखों से बहते पानी में बिंब बस तुम्हारा है,
समय रात भर का है इंतजार बस तुम्हारा है......
छोड़ दूं मैं जो सांसे फिर ताने ना मुझको देना तुम,
मैं जो कहीं खो जाऊं फिर ढूंढना मुझे ना तुम।
मेरी हस्त रेखा में नाम बस तुम्हारा है,
समय रात भर का है इंतजार बस तुम्हारा है.......
बेहद बेहद खूबसूरत अल्फ़ाज़ औऱ शानदार रचना मेरी प्यारी 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻😍😍😍😍🌷🌷🌷🌷
ReplyDeleteराधे राधे।
बहुत बहुत धन्यवाद आपका
DeleteBahut sundar 👌👌
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद आपका
Deleteबेहद खूबसूरत शब्द दिल को छू जाने वाले 👌👌👍
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद आपका
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