पत्नी की अभिलाषा
सुनो तुम्हारे साथ चलना है
चलने दो ना......
तुम्हारे साथ हंस भी लूंगी।
पर अपने गमों पर रोने भी दो ना.......
यकीन करो तुम्हारा साथ कभी नहीं छोडूंगी।
पर तुम भी मेरी राहों में मेरा साथ दो ना......
तुम्हारी पत्नी ही नहीं दोस्त भी बनूंगी।
मैं और तुम को मिलाकर हमसफर बनने दो ना.......
तुम मेरे लिए सब कुछ हो,
तुम्हारी हर बात का सम्मान करूंगी।
भले ही सर की पगड़ी ना बनाओ,
पर जूती भी मत बनने दो ना.......
बेशक मत बनाओ मुझे अपना स्वाभिमान।
पर मेरी इच्छाओं और आत्मसम्मान को जिंदा रहने दो ना........
हर बार मैं ही माफी मांगूगी।
कभी तुम भी गलती मान लो ना.......
तुम मेरी धड़कनों में बसते हो।
मुझे अपने पास रहने दो ना.......
मैं सब की सुनती हूं सबका ख्याल रखती हूं।
कभी तुम भी सर दर्द होने पर मुझे बाम लगा दो ना.......
फूल और कांटों में सिर्फ फूलों की डगर तुम्हारे लिए चाहूंगी।
पर तुम ही मेरे जीवन में एक गुलाब खिला दो ना.........
सुनो तुम जान हो मेरी
हर दुख सुख में तुम्हारे साथ रहूंगी।
खुद से दूर मत करना,
अपने सारे राजो को मुझ से बयां कर दो ना.........
सुनो एक और बात कहनी है.......!
सात जन्मों तक ना सही ।
पर सात जन्मों का प्यार इसी जन्म में दे दो ना........
जमीन पर ना सही आसमान पर तो मिलो आकर ।
चांद तारे नहीं पर अपने प्यार से इस दिल को भर दो ना........
तुम्हारी कसम मैं तुम्हारे सारे दर्द बांट लूंगी।
तुम रखकर मेरे सीने पर सर अपना सब हाल कह दो ना........
सुनो तुम्हारे साथ चलना है चलने दो ना........!♡♡♡♡♡♡♡♡♡♡♡♡
Comments
Post a Comment