●●बहता आकाश ●●
नजरिया बदल रहा था, जिसका कोई अस्तित्व ना था ,वह भी धाक जमाए मनमानी किए जा रहा था।प्रोफेसर टंडन एक बहुत ही विलासी स्वभाव का मनुष्य है, जो विज्ञान का प्रोफेसर है ,खुटकपुर के दर्शन विश्वविद्यालय में। जोकि खुटकपुर के पाँच मील की दूरी पर है। खुटकपुर एक असहाय गांव है ,जो कि प्रोफेसर टंडन के द्वारा सताया हुआ, प्रौढ़ अवस्था पर पहुंच गया है। खुटकपुर की हवा प्रोफेसर टंडन के इशारों पर बहती हैं ।शायद यह गांव भी दरिंदगी का मारा हुआ है। प्रोफेसर कि गांव में एक बड़ी हवेली है,जिसमें उसका परिवार निवास करता है। उस हवेली में सुरेखा यानी उसकी पत्नी और उसके दो बेटे बड़ा लड़का सोमेश्वर टंडन, और छोटा लड़का करुणेश टंडन और एक बेटी सरस्वती रहती है ।और इसके अलावा प्रोफेसर का छोटा भाई जिग्नेश और उसकी पत्नी लक्ष्मी भी उसी घर में रहते हैं। जिनका एक बेटा रूद्र है।जो कि करुण स्वभाव का मालिक है, जिसका नाम ही उसके आचरण का व्याख्यान करता है। वह एक सद्भावना रखने वाला व्यक्ति है। रुद्र की उम्र इक्कीस वर्ष है।वह बी.ए. द्वितीय वर्ष में पढ़ता है। उसे विश्वविद्यालय में जहां उसके बड़े पिता( ताऊजी) प्रोफेसर टंडन...